घर का दही बाजार जैसा गाढ़ा क्यों नहीं जमता? जानिए असली वजह


खाने के साथ अगर दही मिल जाए तो शरीर को अंदर से ठंडक का अहसास होता है। अमूमन यह देखने में आता है कि लोग बाजार से दही लाकर खाते हैं, क्योंकि घर का दही उतना गाढ़ा नहीं जमता। ऐसे में उसे खाने का मन ही नहीं करता। वहीं, बाजार की दही एकदम गाढ़ी और चिकनी होती है। ऐसे में अक्सर मन में यह सवाल आता है कि घर में दही इस तरह से क्यों नहीं जमती। 
असल में गाढ़ा दही जमने का राज सिर्फ जामन डालने में नहीं है। दूध का प्रकार, उसे कितना गर्म किया गया, जामन कब डाला गया, तापमान कैसा रहा और दही को जमने के दौरान छेड़ा गया या नहीं, इन छोटी-छोटी बातों का असर उसकी बनावट पर पड़ता है। तो चलिए जानते हैं इस बारे में-  

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दूध को बस उबालकर तुरंत जामन डाल देना

बहुत से घरों में दूध उबला, थोड़ा ठंडा हुआ और सीधे जामन डाल दिया गया। जबकि यह गलती ना करें। कोशिश करें कि दूध को अच्छी तरह गर्म करने के बाद कुछ देर धीमी आंच पर पकने दें। इससे दूध के प्रोटीन में ऐसे बदलाव होते हैं जो बाद में दही को गाढ़ी बनाने में मदद करते हैं।  

गलत समय पर जामन डालना 

आप दूध में जामन कब डालती हैं, यह बहुत ही अहम् है। अगर दूध बहुत गर्म है तो जामन में मौजूद उपयोगी जीवाणु प्रभावित हो सकते हैं। दूसरी ओर दूध बहुत ठंडा हो गया तो दही जमने की प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है। दूध को जामन मिलाने से पहले लगभग 44-46 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा किया जाता है। अगर थर्मामीटर नहीं है, तो दूध इतना गर्म होना चाहिए कि उंगली डालने पर गर्माहट महसूस हो लेकिन जलन न हो।

जामन भी तो अच्छा होना चाहिए

कई बार हम दूध और तापमान पर पूरा ध्यान देते हैं, लेकिन जामन पर नहीं। अगर इस्तेमाल किया गया जामन बहुत पुराना है, बहुत ज्यादा खट्टा है या उसमें सक्रिय जीवाणु पर्याप्त नहीं हैं, तो दही ठीक से जमने में परेशानी हो सकती है। इसलिए, हमेशा पिछली बार के ताजे व सामान्य स्वाद वाले दही को जामन के रूप में इस्तेमाल करें।     

दूध पाउडर का करें इस्तेमाल

अगर आपको खासतौर पर बहुत गाढ़ा दही पसंद है, तो दूध में थोड़ी मात्रा में बिना मीठा किया हुआ सूखा दूध पाउडर मिलाना एक विकल्प हो सकता है। इससे दूध में ठोस पदार्थ बढ़ते हैं और दही की बनावट ज्यादा मजबूत हो सकती है। लेकिन अगर आपका दही सामान्य रूप से ठीक जम रहा है, तो इसकी जरूरत नहीं है।
– मिताली जैन



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