Lancashire से 25 साल का नाता टूटा, फिर भी James Anderson ने Cricket से संन्यास नहीं लिया


इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन का लंकाशायर के साथ 25 साल पुराना रिश्ता अब खत्म होने जा रहा है। काउंटी क्रिकेट क्लब ने उनके कॉन्ट्रैक्ट को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है। 44 साल के एंडरसन ने रविवार, 25 अक्टूबर को इस फैसले की जानकारी दी। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में क्रिकेट से संन्यास लेने का कोई ऐलान नहीं किया है। एंडरसन ने साफ किया कि वह खुद इस रिश्ते को खत्म नहीं करना चाहते थे।

एंडरसन ने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं जाहिर करते हुए लिखा कि वह बचपन से ही लंकाशायर का समर्थन करते आए हैं। इस क्लब के लिए 25 साल तक खेलना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा था। उन्होंने कहा कि ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेलने के लिए उतरना हमेशा उनके लिए खास रहा है। इस दौरान उन्होंने कई यादगार पल बिताए, जिनमें टीम की कप्तानी करना भी शामिल है। एंडरसन ने यह भी कहा कि अगर फैसला उनके हाथ में होता, तो उनका सफर इस तरह खत्म नहीं होता। इसके बावजूद उन्होंने टीम के खिलाड़ियों और प्रशंसकों के अच्छे भविष्य की कामना की।

लंकाशायर क्लब ने अपने बयान में कहा कि मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के साथ ही क्लब के लिए एंडरसन का खेल करियर भी समाप्त हो जाएगा। मौजूद जानकारी के अनुसार, इस फैसले की जानकारी उन्हें 19 अक्टूबर को ओल्ड ट्रैफर्ड स्थित अमीरात ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर हुई बैठक में दी गई थी। बैठक में क्लब के आने वाले क्रिकेट निदेशक पॉल फारब्रेस और मुख्य कार्यकारी रिचर्ड केन्यन शामिल थे।

पॉल फारब्रेस ने इस फैसले को क्लब में बड़े बदलाव की योजना का हिस्सा बताया है। उन्होंने कहा कि लंकाशायर का लक्ष्य काउंटी चैंपियनशिप के दूसरे डिवीजन से बाहर निकलकर पहले डिवीजन में जगह बनाना और अगले 3 से 4 वर्षों में खिताब जीतने की मजबूत दावेदारी पेश करना है। इसके लिए क्लब अपनी पुरुष टीम के साथ पूरे पेशेवर क्रिकेट ढांचे में भी बदलाव करना चाहता है। इसी योजना के तहत 2027 सत्र के लिए एंडरसन का कॉन्ट्रैक्ट आगे नहीं बढ़ाने का मुश्किल फैसला लिया गया है।

हालांकि, फारब्रेस ने एंडरसन की उपलब्धियों की तारीफ करते हुए उन्हें लंकाशायर और इंग्लैंड का अब तक का सबसे महान गेंदबाज बताया। एंडरसन का जन्म बर्नली में हुआ था और उन्होंने 2001 में लंकाशायर के लिए अपना पहला मैच खेला था। क्लब के लिए 112 प्रथम श्रेणी मैचों में उन्होंने 443 विकेट लिए। इसके अलावा 61 सीमित ओवरों के मैचों में 83 विकेट और 40 टी20 मैचों में 50 विकेट उनके नाम रहे हैं।

गौरतलब है कि एंडरसन 2011 में काउंटी चैंपियनशिप जीतने वाली लंकाशायर टीम का हिस्सा थे। 2019 में उन्होंने केंट के खिलाफ ओल्ड ट्रैफर्ड में अपना 1,000वां फर्स्ट क्लास विकेट हासिल किया था। इससे 2 साल पहले ही मैदान के पवेलियन छोर का नाम उनके सम्मान में बदल दिया गया था। 2026 सत्र में उन्हें पहली बार लाल गेंद वाले क्रिकेट में टीम का कप्तान भी बनाया गया था।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी एंडरसन का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। उन्होंने 2024 में अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला था। 188 टेस्ट मैचों में उनके नाम 704 विकेट दर्ज हैं, जो किसी भी तेज गेंदबाज के लिए सबसे ज्यादा हैं। इसके अलावा उन्होंने 194 एकदिवसीय मैचों में 269 विकेट और 19 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 18 विकेट लिए हैं।

बता दें कि इंग्लैंड की टेस्ट टीम से विदाई के बाद भी एंडरसन ने घरेलू क्रिकेट में खेलना जारी रखा था। लंकाशायर के साथ उनका कॉन्ट्रैक्ट आगे नहीं बढ़ाए जाने से उनके अगले कदम पर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल उन्होंने संन्यास को लेकर कोई घोषणा नहीं की है और यह देखना बाकी है कि वह आगे भी पेशेवर क्रिकेट खेलना जारी रखते हैं या नहीं।



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