वाराणसी MLC Counting में धांधली का अखिलेश यादव ने लगाया आरोप, कहा नहीं दे रहे जीत का सर्टिफिकेट


समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव की मतगणना के दौरान वाराणसी प्रशासन पर दिल्ली और लखनऊ से ‘‘विरोधाभासी दबाव’’ में काम करने का आरोप लगाते हुए बुधवार को दावा किया कि उनकी पार्टी के प्रत्याशी की जीत हो चुकी है, लेकिन उन्हें जीत का प्रमाणपत्र नहीं दिया जा रहा है। वर्ष 2014 से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकसभा क्षेत्र रहे वाराणसी में यादव के आरोपों के बाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना पर सबका ध्यान केंद्रित हो गया। वहां देर शाम तक मतगणना जारी थी।

यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कई पोस्ट में आरोप लगाया कि वाराणसी में भाजपा की हार को राष्ट्रीय समाचार बनने से रोकने के लिए मतगणना की प्रक्रिया धीमी की जा रही है या उसे रोक दिया गया है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से निष्पक्षता साबित करने का आग्रह करते हुए कहा कि मतगणना में कथित गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘वाराणसी में मतगणना रोकने या धीमी कर देने के पीछे का षड्यंत्र सब समझ रहे हैं, लेकिन भाजपाई इसमें कामयाब नहीं होंगे।

वाराणसी में भाजपा की हार राष्ट्रीय खबर न बन जाए, इसीलिए हर कुचक्र रचा जा रहा है। सपा के प्रत्याशी की जीत का परिणाम तैयार है, लेकिन जीत का प्रमाणपत्र नहीं दिया जा रहा है।’’
यादव ने कहा, ‘‘निर्वाचन आयोग के पास अपनी निष्पक्षता साबित करने का अंतिम मौका है, नहीं तो उसके अधिकारियों को इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि वे मतगणना कराने में असफल रहे हैं।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि वाराणसी प्रशासन दिल्ली और लखनऊ के ‘‘विरोधाभासी दबाव’’ के बीच काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को लोकतंत्र का साथ देना चाहिए और ऐसा भ्रष्ट आचरण नहीं करना चाहिए कि उन्हें अपनी ही नजरों में गिरना पड़े।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रशासन दिल्ली और लखनऊ के बीच की खींचतान में फंसा हुआ है, जबकि बाहर ‘पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) प्रहरी’ पूरी सतर्कता से निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जरा-सी चूक भी महंगी पड़ सकती है। यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘भाजपा ईमानदारी से जीतना नहीं जानती, तो क्या उसे ईमानदारी से हारना भी नहीं सीखना चाहिए?

अभी तो हार की शुरुआत है। भाजपा को अब हमेशा के लिए हारने की आदत डालनी है।’’
पूर्व मुख्यमंत्री ने ‘पीडीए प्रहरियों’ से अपील की कि वे जीत का प्रमाणपत्र मिलने तक आराम न करें। उन्होंने कहा, ‘‘जब तक जीत का प्रमाण नहीं, तब तक विश्राम नहीं।’’
एक अन्य पोस्ट में यादव ने कहा कि यदि प्रशासन दोबारा मतगणना भी कराता है, तो उससे कोई लाभ नहीं होगा क्योंकि सपा के कार्यकर्ता और समर्थक पूरी सतर्कता से नजर रख रहे हैं।

उन्होंने बताया कि पार्टी के कार्यकर्ता और नेता युवाओं तथा ‘‘लोकतंत्र के समर्थकों’’ के साथ आसपास के शहरों से खाने-पीने का सामान लेकर मतगणना केंद्र की ओर आ रहे हैं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने की अपील दोहराई। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, बुधवार रात आठ बजे तक 11 में से नौ निर्वाचन क्षेत्रों के परिणाम घोषित हो चुके हैं।

इनमें भाजपा ने छह और सपा ने तीन सीटें जीती थीं। लखनऊ और वाराणसी के स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना जारी है। अंतिम सूचना तक लखनऊ में आठवां और वाराणसी में पांचवां चरण पूरा हो चुका है।



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