hot flashes and stress score reduced by shatavari in women health study


आयुर्वेद में शतावरी लंबे समय से उपयोग में लाई जाने वाली एक महत्वपूर्ण जड़ी बूटी है। जोकि खासतौर पर महिलाओं की सेहत और वेलनेस के लिए काफी अच्छी मानी जाती है। शतावरी में मौजूद सैपोनिन और अन्य बायोएक्टिव कंपाउंड्स की वजह से इस पर महिलाओं के हार्मोनल और रिप्रोडक्टिव हेल्थ को लेकर कई रिसर्च हो चुकी हैं। शतावरी को पारंपरिक रूप से मेनोपॉज, स्तनपान, पीरियड्स और सामान्य कमजोरी जैसी स्थितियों में इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि महिलाओं के लिए शतावरी पाउडर कैसे फायदेमंद है और इसका किस तरह से सेवन करना चाहिए।

महिलाओं के लिए शतावरी के फायदे

मेनोपॉज में शरीर की गर्मी को शांत करने में सहायक

पेरिमेनोपॉज और मेनोपॉज के मुश्किल समय में महिलाओं के शरीर का अंदरूनी तापमान को कंट्रोल करने वाले सिस्टम में चेंज आता है। अचानक से तेज गर्मी महसूस होना और रात में पसीना आना रोजाना की जिंदगी में परेशान करता है। ऐसे में जिन महिलाओं ने स्टैंडर्ड शतावरी की जड़ का अर्क लिया है, उन महिलाओं में हॉट फ्लैशेस में करीब 25.9% की कमी देखने को मिली और नींद की क्वालिटी में भी सुधार हुआ। वहीं यह पित्त को शांत करने के साथ हार्मोनल सिस्टम में बढ़ी हुई गर्मी को कम करके ठंडक पहुंचाने का काम करता है।

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नियमित होंगे पीरियड

पीरियड न आना या PMOS के कारण से अनियमित मासिक चक्र इस बात का संकेत है कि शरीर को जरूरी पोषण नहीं मिल रहा है। शतावरी सीधे ओवेरियन टिश्यू पर काम करती है। वहीं यह ओवरी की बनावट को बेहतर बनाने और फॉलिकल की सेहत में मदद करती है। शतावरी शरीर में सूजन को कम करने, पीरियड्स में होने वाले दर्द को कम करने का एक आसान और नेचुरल प्रोसेस बना देती है।

लंबे समय तक रहने वाले तनाव से बचाव

अगर आप स्ट्रेस को ठीक नहीं करते हैं, तो आप अपने हार्मोन को ठीक नहीं कर सकते हैं। लेकिन जब आप लंबे समय तक चिंता या स्ट्रेस में रहते हुए ‘परसीव्ड स्ट्रेस स्केल’ टेस्ट देते हैं। तो आपका स्कोर काफी बढ़ जाता है। शतावरी के उपयोग से लोगों के तनाव स्कोर में करीब 30% कमी देखने को मिली। यह नर्वस सिस्टम को लगातार ‘लड़ो या भागो’ वाली स्थिति में जाने से रोकती है। जिससे प्रजनन अंगों को सही मात्रा में ब्लड सर्कुलेशन और पोषण मिल पाता है।

ब्रेस्ट मिल्क को बढ़ाने में सहायक

जो महिलाएं नई मां बनी हैं, उनको अक्सर कम दूध बनने की चिंता सताती है। सदियों से शतावरी पर एक शक्तिशाली ‘गैलेक्टागॉग’ के रूप में भरोसा किया जाता रहा है। डिलीवरी के बाद 113 माताओं पर एक स्टडी से पता चला है कि जिन माओं को शतावरी दी गई है, उनमें पूरी तरह से दूध का उत्पादन शुरू होने में लगने वाले समय में 48.87% की कमी आई। यह नैचुरली प्रोलैक्टिन के लेवल को बढ़ाता है, जिससे बच्चे को भी पोषण मिलता है और महिलाओं के शरीर में भी कमजोरी नहीं लगती है।

ऐसे करें शतावरी का सेवन

ऑर्गेनिक शतावरी जड़ का पाउडर करीब 1 चम्मच गाय के दूध के साथ लिया जा सकता है। इसका स्वाद बढ़ाने के लिए आप इसमें इलायची पाउडर मिला सकती हैं। इसके अलावा करीब आधा चम्मच घी और एक छोटी चुटकी सोंठ इसमें मिला सकती हैं।

जानें कब शतावरी पीना फायदेमंद

हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक महिलाओं को सोने से 30 मिनट पहले या सुबह उठने के करीब 30 मिनट बाद शतावरी का सेवन कर सकती हैं। अगर आपके पास समय की कमी है, तो किसी अच्छी फार्मेसी से शतावरी कैप्सूल का दिन में दो बार सेवन करें। इससे धीरे-धीरे आपकी सेहत में सुधार होगा।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।



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