आज के समय में बीमारियां अधिक बढ़ती जा रही हैं। डायबिटीज से केवल बड़े-बूढ़ों की बीमारी नहीं रही, बल्कि कम उम्र के लोगों में भी ब्लड शुगर बढ़ना काफी आम हो गया है। सबसे बड़ी वजह इसकी गलत खान-पान, देर तक बैठकर काम करना, नींद पूरी न होना और तनावपूर्ण जीवन हो जाना है।
अक्सर देखा गया है कि लोग चावल-रोटी खाना बंद कर देते हैं लेकिन फिर भी शुगर लेवल हाई रहता है। लेकिन क्यों ऐसा होता है? आइए आपको विस्तार से बताते हैं।
छोटी उम्र में क्यों हो रहा है डायबिटीज?
पहले लोग सोचते थे कि मीठा खान से ही डायबिटीज होती है, हालांकि अब ऐसा नहीं है। आज की लाइफस्टाइल में जंक फूड, मीठी ड्रिंक्स, रात में देर तक जागना और बिल्कुल भी पैदल न चलना, शुगर बढ़ने की वजह बन चुकी है। इसी कारण से कई लोगों का शुगर बिना चावल-गेहूं खाए भी हाई रहता है। वैसे ये बीमारी शरीर को धीरे-धीरे अंदर से खोखला बना देता है, इसलिए समय रहते कारण को समझें।
आपने भी सुना होगा कि डायबिटीज के मरीजों को चावल और रोटी खाना सख्त मना होता है, क्योंकि इन्हें ब्लड शुगर बढ़ने की मुख्य वजह माना जाता है क्योंकि इन्ही को ब्लड शुगर बढ़ने की मुख्य वजह माना जाता है। इसी तरह चावल की जगह बड़ी मात्रा में बाजरा या दूसरे अनाज वाली चीजें खाने से भी ब्लड शुगर बढ़ सकता है।
हेल्दी समझकर ज्यादा खा रहे हैं ये चीजें
– हेल्दी समझकर ओट्स, दलिया, क्विनोआ और मोटे अनाज में फाइबर सहित कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। जैसे बाजरे की खिचड़ी पोषक तत्वों से भरपूर मानी जाती है। हालांकि इसे बहुत अधिक मात्रा में खाने से ब्लड शुगर बढ़ सकता है।
– मखाने में घी या दूसरी चीजें मिलाने से उसकी कैलोरी बढ़ जाती है। इसलिए किसी भी फूड को हेल्दी मानकर खाने की जगह पर उसकी कम मात्रा, बनाने का तरीका और साथ ही खाई जाने वाली दूसरी चीजों पर भी ध्यान देना काफी जरुरी है।
चाय के साथ बिस्कुट और शाम का नाश्ता भी बढ़ाते हैं शुगर
शाम के समय हर किसी को भूख लगती हैं, ऐसे में लोग बिस्कुट और चाय पीतें है, जिससे शुगर लेवल बढ़ने का न्योता मिल जाता है। सुबह की चाय के साथ बिस्कुट, शाम की नमकीन, काम करते समय मखाने या कुछ न कुछ खाते रहने से शुगर का लेवल बढ़ता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर तरह का स्नैक खाना बंद कर दें। पूरे दिन क्या और कितना खाया जा रहा है, इस बात पर ध्यान जरुर दें।
जूस और मीठे ड्रिंक्स को न करें नजरअंदाज
फलों का जूस, मीठी लस्सी, फ्लेवर्ड दही, मिल्कशेक और चीनी वाली चाय शरीर में शुगर की मात्रा को हाई कर सकते हैं। जो लोग चीनी की जगह शहद, गुड़ या ब्राउन शुगर का इस्तेमात करते हैं, हालांकि ये भी शरीर में शुगर बढ़ा सकते हैं। डायबिटीज के मरीज इन सभी चीजों को पूरी तरह से सेफ न मानें।
वहीं, फलों को आप जूस के स्थान पर साबुत सेवन करें तो बेहतर है। साबुत फल में फाइबर होता है, इसके सेवन से पेट भरा हुआ महसूस रहता है।
तनाव और नींद कम लेना
ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के लिए जीवनशैली की भी विशेष भूमिका होती है। अगर आप लगातार तनाव लेते हैं और लंबे समय तक बैठे रहते हैं, तो ब्लड शुगर को प्रभावित कर सकता है। वहीं, कुछ बीमारी और दवाइयों से, जैसे कि स्टेरॉयड के इस्तेमाल से भी शुगर का लेवल बढ़ जाता है।
ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए कैसी होनी चाहिए थाली?
आधी थाली सब्जियों से भरें- लौकी, तोरई, भिंडी, फूलगोभी, पत्तागोभी और दूसरी बिना स्टार्च वाली सब्जियां शामिल हैं।
1/4th हिस्सा प्रोटीन के लिए रखें- अपने पसंद और जरुरत के अनुसार, दाल, पनीर, दही, अंडे, मछली या चिकन खा सकते हैं।
1/4th हिस्सा अनाज के लिए रखें- आप चावल, रोटी या दूसरे अनाज को उचित मात्रा में शामिल किया जा सकता है।
