दिवाली खरीदारी के लिए 1 से 5 नवंबर तक बन रहे कई शुभ योग, ये हैं तारीखवार चौघड़िया मुहूर्त


दिवाली का त्योहार बेहद नजदीक आ चुका है। इस समय ज्यादातर घरों में सफाई चल रही है। इसके बाद लोग फेस्टिवल को लेकर शॉपिंग करना शुरु करेंगे। दिवाली का पर्व मुख्य रुप से बुराई पर अच्छाई, अंधकार पर प्रकाश और अज्ञान पर ज्ञान की जीत का प्रतीक है।

वैसे इस पर्व की शुरुआत धनतेरस के दिन से शुरु हो जाती है और समाप्ति भाई दूज पर होता है। दीवाली से पहले बाजारों में खास रौनक देखने को मिलती है। इस दौरान लोग तरह-तरह सामानों की खरीदारी करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में खरीदारी करना बेहद ही फायदेमंद है।

इस लेख में हम आपको बताएंगे कि शुभ मुहूर्त के अनुसार ही खरीदारी करें। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, दिवाली के लिए खरीदारी करने के लिए कई शुभ योग और मुहूर्त बन रहे हैं।

कल यानी 1 नवंबर 2026 को रवि पुष्य योग का महासंयोग बन रहा है। इस रवि पुष्य योग में सोना-चांदी, वाहन और संपत्ति खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। वहीं, 2 नवंबर को सूर्य-बुध की युति से ‘बुधादित्य योग’ और शुक्र-बुध के मिलन से ‘लक्ष्मी नारायण योग’ का निर्माण होगा। आइए आपको दिवाली खरीदारी के शुभ मुहूर्त बताते हैं-

1 नवंबर के शुभ मुहूर्त

रवि पुष्य योग: सुबह 6 बजकर 33 मिनट से 2 नवंबर सुबह 4 बजकर 30 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11 बजकर 42 मिनट से दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 05 बजकर 36 मिनट से 06 बजकर 54 मिनट तक
सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 06 बजकर 33 मिनट से 2 नवंबर सुबह 04 बजकर 30 मिनट तक

1 नवंबर के चौघड़िया मुहूर्त

लाभ-अमृत चौघड़िया- सुबह 09 बजकर 18 मिनट से दोपहर 12 बजकर 04 मिनट तक है।

शुभ चौघड़िया- दोपहर 01 बजकर 27 मिनट से 02 बजकर 50 मिनट तक

शाम का शुभ समय (शुभ व अमृत)- शाम 05 बजकर 42 मिनट से रात 08 बजकर 54 मिनट तक

2 से 5 नवंबर तक के शुभ योग

2 नवंबर- इस दिन बुधादित्य योग और लक्ष्मी नारायण योग का निर्माण हो रहा है। इन दोनों शुभ योगों में बर्तन, वाहन, चांदी के सिक्के, मां लक्ष्मी व भगवान गणेश की प्रतिमा, कौड़ी, शंख, स्वास्तिक और मिट्टी के दीपक खरीदना शुभ होता है।

3 नवंबर- इस दिन देवगुरु बृहस्पति और चंद्रमा की युति से गजकेसरी राजयोग बन रहा है।

4 नवंबर- बेहद ही शुभ ब्रह्म योग बन रहा है।

5 नवंबर- इस दिन कार्तिक मास की रमा एकादशी मनाई जाएगी।

6 नवंबर को मनाया जाएगा धनतेरस का पर्व

प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। इस दिन सोना, चांदी, झाड़ू और लक्ष्मी-गणेश जी की प्रतिमा खरीदना काफी शुभ होता है।

त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 06 नवंबर को सुबह 10 बजकर 30 मिनट से
त्रयोदशी तिथि समाप्त: 07 नवंबर को सुबह 10 बजकर 47 मिनट तक
धनतेरस पूजा मुहूर्त: शाम 06 बजकर 19 मिनट से रात 08 बजकर 17 मिनट तक
खरीदारी का शुभ समय: सुबह 10 बजकर 30 मिनट के बाद पूरे दिन

दीवाली 2026 शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार दीपावली का पर्व 08 नवंबर को मनाया जाएगा।

अमावस्या तिथि प्रारंभ: 08 नवंबर को सुबह 11 बजकर 27 मिनट से
अमावस्या तिथि समाप्त: 09 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: शाम 05 बजकर 54 मिनट से रात 07 बजकर 50 मिनट तक
प्रदोष काल: शाम 05 बजकर 31 मिनट से रात 08 बजकर 09 मिनट तक
वृषभ काल: शाम 05 बजकर 54 मिनट से रात 07 बजकर 50 मिनट तक



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