Dewas में जहरीली शराब से मौतों के दावों के बीच 10 लोग गिरफ्तार, 7.25 लाख का सामान जब्त


मध्यप्रदेश के देवास जिले में जहरीली शराब पीने से कम से कम 10 लोगों की मौत के दावों के बीच पुलिस ने अवैध शराब बेचने के आरोप में सोमवार को 10 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार लोगों में अलग-अलग लाइसेंसी शराब दुकानों के प्रबंधक और सेल्समैन शामिल हैं और आरोपियों के पास से देशी शराब समेत करीब 7.25 लाख रुपये का सामान जब्त किया गया है।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि क्रमश: 15 और 18 अक्टूबर को चंदाना गांव में कथित तौर पर शराब पीने के बाद दो लोगों की मौत की सूचना जिला चिकित्सालय से मिलने के बाद जांच शुरू की गई थी। अधिकारी के मुताबिक मृतकों के परिजनों और अन्य लोगों ने पुलिस को बताया कि गांव का निवासी विनोद जायसवाल अवैध रूप से शराब बेचता था और दोनों लोगों की मौत के बाद फरार हो गया था। अधिकारी ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने नाकाबंदी करके एक कार को रोका और इसमें बैठे जायसवाल, अजय राठौर और रामेश्वर सोनगरा को गिरफ्तार किया।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने कार से देशी शराब की छह पेटियां बरामद कीं और आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। अधिकारी ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने सत्येंद्र ओझा, नितिन सोलंकी, चंद्रशेखर बैरागी, राज, जुगल, राजेंद्र निनामा और विशाल चौहान के साथ मिलकर अवैध रूप से शराब बेचने की बात कही। इसके आधार पर पुलिस ने शराब के अवैध कारोबार से जुड़े इन लोगों को भी गिरफ्तार किया।

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में देवास और इंदौर जिलों की तीन लाइसेंसी शराब दुकानों के दो प्रबंधक और दो सेल्समैन शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से 54 लीटर देशी शराब, एक कार, 10 मोबाइल फोन और 10,000 रुपये नकद समेत करीब 7.25 लाख रुपये का सामान जब्त किया है। शहर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) सुमित अग्रवाल ने संवाददाताओं से कहा,‘‘हम आरोपियों के कब्जे से जब्त शराब की अपराध विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) में जांच कराएंगे।’’
ग्रामीणों का दावा है कि देवास जिले में चंदाना, बिंजाना और आस-पास के इलाकों में 27 सितंबर से 16 अक्टूबर के बीच जहरीली शराब पीने से कम से कम 10 लोगों की मौत हुई।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दावा किया है कि इन इलाकों में पिछले एक महीने में जहरीली शराब पीने से 22 लोगों की मौत हुई और कम से कम 40 लोगों की आंखों की रोशनी प्रभावित हुई। जहरीली शराब से लोगों की मौत के दावों को जिला प्रशासन ने शुरुआत में सिरे से खारिज कर दिया था। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद राज्य सरकार ने जांच के लिए पांच सदस्यों वाला उच्चस्तरीय दल गठित किया जिसने छानबीन शुरू कर दी है।



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