मेरठ और आसपास की ताज़ा खबरें, चर्चा और सामाजिक जुड़ाव का मंच

हमें फॉलो करें (Follow Us)

Dhanteras पर वाहनों की मांग तेज, लेकिन EV सप्लाई में आ सकती है बाधा: FADA


 धनतेरस पर वाहन बिक्री में तेजी की उम्मीद है। दोपहिया, यात्री और वाणिज्यिक वाहनों की मांग मजबूत बनी हुई है, हालांकि इलेक्ट्रिक वाहनों की आपूर्ति में कमी कुछ श्रेणियों में डिलीवरी को प्रभावित कर सकती है। वाहन उद्योग निकाय फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (फाडा) के अध्यक्ष साई गिरिधर ने कहा कि कुल मिलाकर बाजार की धारणा सकारात्मक है और वाहनों की सभी श्रेणियों में मांग मजबूत बनी हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘कुल मिलाकर मांग मजबूत है। 

दोपहिया, चारपहिया और वाणिज्यिक वाहन, सभी श्रेणियों को मिलाकर देखें तो कारोबार अच्छा चल रहा है। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों में, चाहे वे दोपहिया हों या चारपहिया, आपूर्ति में कुछ बाधाएं दिख सकती हैं।’’ उद्योग निकाय ने कहा कि छह नवंबर को धनतेरस और आठ नवंबर को दिवाली होने से इस महीने में खुदरा बिक्री का एक बड़ा अवसर आया है। त्योहारों के दौरान अब तक वाहनों के पंजीकरण का रुझान उत्साहजनक रहा है। वाहन क्षेत्र ने नवंबर की शुरुआत आशावाद के साथ की है। 

फाडा के ऑनलाइन सदस्यों के सर्वेक्षण के अनुसार, 51 प्रतिशत से अधिक प्रतिभागियों को इस महीने बिक्री बढ़ने की उम्मीद है, जबकि 35 प्रतिशत ने बिक्री स्थिर रहने और 14 प्रतिशत ने इसमें गिरावट आने का अनुमान जताया है। पुरानी कारों के बाजार में भी त्योहारों के दौरान मांग मजबूत बनी हुई है और धनतेरस पर इसके और बढ़ने की उम्मीद है। पुरानी कारों के कई विक्रेताओं ने कहा कि मांग आपूर्ति से अधिक है। 

कार्स24 के भारत में मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) शिवांशु मक्कर ने कहा, ‘‘कार्स24 ने नवरात्र के पहले दिन ही 750 कार की डिलीवरी की। इस दौरान सालाना आधार पर 58 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और बिक्री की मात्रा सामान्य रविवार की तुलना में करीब पांच गुना रही।’’ उन्होंने कहा कि कंपनी को धनतेरस पर मांग और बढ़ने की उम्मीद है। इस दिन परंपरागत रूप से वाहनों की डिलीवरी में तेज वृद्धि होती है। 

उन्होंने कहा कि पुरानी कारों के बाजार में धनतेरस पर डिलीवरी सामान्य दिनों की तुलना में तीन से चार गुना तक हो सकती है। फाडा के गिरिधर ने इस साल धनतेरस की बिक्री की तुलना पिछले साल से करने को लेकर आगाह किया। पिछले साल धनतेरस 18 अक्टूबर को पड़ा था और उस समय माल एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों में कटौती लागू होने के बाद दबी हुई मांग के बाजार में आने से खरीदारी को समर्थन मिला था। 

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले साल के धनतेरस के मुकाबले सालाना वृद्धि को मापना शायद सही तरीका नहीं होगा, क्योंकि पिछले साल मुख्य रूप से दबी हुई मांग के कारण बिक्री बढ़ी थी।’’



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *