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Diwali पर Pregnant Women बरतें खास सावधानी, पटाखों के धुएं और तेज शोर से बचें


दिवाली का पर्व खुशियों, रोशनी और जश्न का है। ऐसे में हर किसी के घर में मिठाइयां बनती है, पटाखे जलाए जाते है और परिवार के लोग एक साथ मिलकर जश्न मनाते हैं।

लेकिन गर्भवती महिलाओं के लिए यह समय थोड़ी अतिरिक्त सावधानी बरतने का होता है। दिवाली के दौरान पटाखों से निकलने वाला धुआं, बढ़ता वायु प्रदूषण, तेज आवाज और खान-पान में लापरवाही मां और होने वाले बच्चे की सेहत को प्रभावित करता है। आइए आपको बताते हैं दिवाली के समय गर्भवती महिलाएं को 7 जरुरी बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

पटाखों के धुएं और प्रदूषण से रहें दूर

दिवाली पर जलने वाले पटाखों से निकलने वाला धुआं हवा को प्रदूषित कर सकता है। इसमें पाए जाने वाले सूक्ष्म कण और हानिकारक गैसें सांस से संबंधी परेशनियां बढ़ जाती है। गर्भवती महिलाओं को पटाखे जलाने से वाली जगहों और अधिक धुएं वाले इलाकों से दूरी बनानी चाहिए। अगर बाहर प्रदूषण ज्यादा है, तो घर के अंदर रहे। जरुरत पड़ने पर अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क लगा सकते है, ताकि प्रदूषण से पूरी सुरक्षा न समझें।

तेज आवाज वाले पटाखों से बनाएं दूरी

ज्यादा शोर करने वाले पटाखों व आतिशबाजी की तेज आवाज से बचें। प्रेग्नेसी के समय तेज आवाज के संपर्क को सीमित रखें। खासकर लाउडस्पीकर और तेज धमाके वाले पटाखों के आसपास खड़े होने से बचें। दिवाली का जश्न मनाने के लिए शांत और सुरक्षित जगहों को चूज करें।

खान-पान का रखें विशेष ध्यान

त्योहार के समय मिठाइयां, नमकीन और तली-भुनी चीजें खूब खाई जाती है। गर्भवती महिलाओं को इनका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। अपनी डाइट में हरी सब्जियां, फल, दालें, दूध और प्रोटीन युक्त चीजों को शामिल करें। ध्यान रखें कि बाजार में मिलने वाली खुली मिठाइयों और अस्वच्छ भोजन के सेवन से बचें।

पर्याप्त नींद और आराम करें

अक्सर त्योहार के समय लोग देर रात तक जागते हैं। लगातार मेहमानों के साथ व्यस्त रहने से थकान बढ़ सकती है। गर्भवती महिलाओं को अपनी नींद और आराम का पूरी तरह से ध्यान रखना चाहिए। शरीर में कमजोरी या थकान महसूस होने पर काम रोकें और आराम करें। डॉक्टर की सलाह के अनुसार, हल्की शारीरिक गतिविधियां जारी रखें।

पटाखे जलाने और आग के आसपास जाने से बचें

प्रेग्नेंसी के दौरान पटाखे जलाने से बचना बेहद जरुरी है। यह जलने, चोट लगने व धुएं के संपर्क में आने का खतरा रहता है। दीये और मोमबत्तियां जलाते समय भी सावधानी रखें। ढीले और सिंथेटिक कपड़ों की जगह आरामदायक सूती कपड़े पहनें। जब आप आग के पास हो, तो दुपट्टे और साड़ी का पल्लू को संभलकर रखें।

डॉक्टर की सलाह और दवाइयों का रखें ध्यान

यदि आपको हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, अस्थमा या गर्भावस्था से संबंधित दूसरी परेशानी है, तो डॉक्टर की सलाह का पालन करें। रेगुलर रुप से दवाइयां समय पर लें। और डाक्टर की अनुमति के बिना कोई नई दवा या हर्बल प्रोडक्ट का प्रयोग न करें। त्योहार के समय भी अपनी नियमित प्रेग्नेंसी जांच न टालें।



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