Jannat हिट हुई, फिर भी काम के लिए तरसीं, आखिर कहां चूक गई थीं Sonal Chauhan?


‘जन्नत’ और ‘मिर्जापुर द मूवी’ जैसी फिल्मों में नजर आ चुकीं अभिनेत्री सोनल चौहान ने अपने करियर के शुरुआती दौर को याद किया है। साल 2008 में रिलीज हुई ‘जन्नत’ की सफलता के समय सोनल काफी कम उम्र की थीं। उन्होंने बताया कि उस समय उन्हें फिल्मी दुनिया के काम करने के तरीके और वहां मिलने वाले मौकों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी।

सोनल के मुताबिक, ‘जन्नत’ का दर्शकों पर कितना असर पड़ा था, इसका उन्हें उस समय पूरी तरह एहसास नहीं था। अब पीछे मुड़कर देखने पर उन्हें लगता है कि फिल्म की सफलता के बाद उन्हें ज्यादा लोगों से मिलना चाहिए था और लगातार काम की तलाश करनी चाहिए थी।

‘जन्नत’ की सफलता के बाद की गलती पर बोलीं सोनल

सोनल चौहान ने अपने शुरुआती करियर को याद करते हुए कहा कि अगर उन्हें समय में पीछे जाकर कुछ बदलने का मौका मिले तो वह ‘जन्नत’ की सफलता के बाद की अपनी एक गलती को जरूर सुधारेंगी।

उन्होंने बताया कि फिल्म हिट होने के बाद उन्हें लोगों से मिलना चाहिए था, काम के लिए कोशिश करनी चाहिए थी और ज्यादा फिल्मों में काम करना चाहिए था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।

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ऑडिशन देने के बाद भी नहीं मिला काम

सोनल ने यह भी बताया कि उन्हें कई बार ऑडिशन देने के बाद भी काम नहीं मिला। उन्होंने कहा कि कई बार उन्हें फोन करके बताया जाता था कि वह काम के लिए चुन ली गई हैं और निर्देशक को उनका काम पसंद आया है, लेकिन बाद में किसी वजह से वह प्रोजेक्ट उनके हाथ से निकल जाता था।

सोनल ने कहा, “कई बार ऑडिशन देती थी, फोन आता था कि शॉर्टलिस्ट कर लिया गया है, निर्देशक को काम पसंद आ गया है, लेकिन फिर पता नहीं क्या होता था कि वह काम नहीं मिलता था। कई बार लगता था कि कम से कम मौका तो दो खुद को साबित करने का।”

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पक्षपात की वजह से कई प्रोजेक्ट खोने का किया दावा

सोनल चौहान ने फिल्मी दुनिया में पक्षपात को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कई कलाकार उनकी इस बात से सहमत होंगे कि इस इंडस्ट्री में पक्षपात काफी होता है और इसकी वजह से उन्होंने कई प्रोजेक्ट गंवाए हैं।

सोनल ने कहा, “हर कलाकार मेरी इस बात से सहमत होगा कि इस इंडस्ट्री में फेवरेटिज्म (पक्षपात) बहुत होता है। उसकी वजह से मैंने कई प्रोजेक्ट खोए हैं।”

हालांकि, उन्होंने ‘मिर्जापुर द मूवी’ की टीम का भरोसा मिलने पर खुशी जताई। सोनल ने कहा कि वह कुछ अलग तरह का काम करना चाहती थीं, लेकिन लंबे समय तक इंडस्ट्री ने उन पर उस तरह का भरोसा नहीं किया। उन्होंने कहा कि ‘मिर्जापुर द मूवी’ की सफलता से पहले तक किसी ने उन पर इस तरह विश्वास नहीं किया था, लेकिन अब लोगों के नजरिए में बदलाव आया है।



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