चंडीगढ़, चार नवंबर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने बुधवार को अपने पहले के आदेश में बदलाव करते हुए दलजीत सिंह का अंतिम संस्कार चंडीगढ़ के बजाय मानसा जिले में उनके पैतृक गांव में करने की अनुमति दे दी। दलजीत (35) की 27 अक्टूबर को भम्मे कलां गांव में मौत हो गई थी। आशंका है कि नशीले पदार्थ की अधिक मात्रा लेने से उनकी मौत हुई, हालांकि पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है।
इस घटना और नशे की समस्या को लेकर विपक्ष के कई नेताओं ने पंजाब पुलिस और राज्य सरकार की आलोचना की है। न्यायमूर्ति संजय वशिष्ठ ने कहा कि मृतक का अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार को दोपहर से पहले उनके पैतृक गांव में किया जाएगा। मृतक की पत्नी और मां ने अदालत में याचिका दायर कर दलजीत का अंतिम संस्कार पैतृक गांव में करने की अनुमति देने का अनुरोध किया था।
अदालत ने मंगलवार को दलजीत के शव का पोस्टमार्टम चंडीगढ़ स्थित स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (पीजीआईएमईआर) में कराने का आदेश दिया था। हालांकि, अदालत ने बुधवार को आदेश में कहा , ‘‘सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ के संबंधित अधिकारी मृतक का शव पुलिस अधिकारियों के एक दल को सौंपेंगे। यह दल पर्याप्त सुरक्षा के बीच शव को सीधे चंडीगढ़ से भम्मे कलां गांव के श्मशान घाट ले जाएगा।’’
