Rajasthan में दिव्यांगों के लिए समान अवसर नीति लागू, 75 करोड़ की पेंशन DBT से जारी


राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के मूलमंत्र के साथ दिव्यांगों के सशक्तीकरण के लिए काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का संकल्प ऐसा राजस्थान बनाना है जहां हर दिव्यांग को सम्मान, स्वावलंबन और समान अवसर मिलें। वे यहां ‘सपनों की उड़ान-असंभव कुछ भी नहीं’ कार्यक्रम के तहत दिव्यांग युवा संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

शर्मा ने कहा, हौसले की उड़ान कभी शारीरिक सीमाओं की मोहताज नहीं होती। मन में दृढ़ संकल्प, हृदय में कुछ कर गुजरने का जज्बा और प्रयासों में निरंतरता हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है और यही युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी पूंजी है।

शर्मा ने कहा कि युवाओं के पास ऊर्जा है, नए विचार हैं, कुछ नया करने का जुनून है और असंभव को संभव बनाने का साहस है। उन्होंने आह्वान किया कि वे सभी अपने बुलंद हौसलों के साथ आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उनके सपनों को साकार करने के लिए सारथी बनकर उनके साथ खड़ी है।

आधिकारिक बयान के अनुसार इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की विभिन्न पहलों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने दिव्यांगों के लिए समान अवसर नीति लागू की है। उन्होंने कहा कि दो लाख 71 हजार यूडीआईडी कार्ड जारी करने के साथ ही अनुजा निगम द्वारा दिव्यांगों समेत विभिन्‍न श्रेणी के सात हजार व्यक्तियों को स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध करवाया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन (दिव्यांगजन) के साढ़े पांच लाख से अधिक लाभार्थियों के लिए 75 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की और दिव्यांगों को सहायक उपकरण वितरित किए।

उन्होंने खेल जगत में प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले दिव्यांग खिलाड़ियों मोना अग्रवाल, सृष्टि अरोड़ा, कृष्णा नागर और दिव्यांगों के सशक्तीकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पदम भूषण डी.आर. मेहता का सम्मान किया।



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