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Bhupesh Baghel को Supreme Court से झटका, चुनाव याचिका पर दायर अर्जी खारिज


नयी दिल्ली, तीन नवंबर उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की वह नयी याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने पाटन विधानसभा क्षेत्र से 2023 में उनके निर्वाचन के खिलाफ दायर चुनाव याचिका की विचारणीयता पर कोई प्रारंभिक मुद्दा तय करने से इनकार करने संबंधी उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी थी। शीर्ष अदालत ने 28 सितंबर को पूर्व मुख्यमंत्री की उस याचिका में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था, जिसमें उन्होंने 2023 में उनके निर्वाचन के खिलाफ भाजपा नेता विजय बघेल द्वारा दायर चुनाव याचिका को चुनौती दी थी। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची एवं न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने सुनवाई में देरी करने की कोशिशों पर मंगलवार को नाराजगी जताई।

पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि चुनाव याचिकाओं का निस्तारण उचित समय-सीमा के भीतर होना चाहिए। न्यायमूर्ति मोहना ने पूर्व मुख्यमंत्री की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और विवेक तन्खा से कहा, ‘‘मुकदमे को आगे बढ़ने दें। आप देरी कर रहे हैं।’’
सिब्बल ने कहा कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने यह मानने में त्रुटि की है कि फैसले के लिए कोई प्रारंभिक मुद्दा नहीं बनता है।

उन्होंने कहा कि अदालत को या तो समय-सीमा के सवाल पर शुरुआती मुद्दे के तौर पर फैसला करना चाहिए, या फिर यह कहने से बचना चाहिए कि ऐसा कोई मुद्दा है ही नहीं। सिब्बल ने कहा, ‘‘दो मांगें हैं। एक यह कि शुरुआती मुद्दे पर फैसला किया जाए, या फिर यह न कहा जाए कि कोई मुद्दा नहीं है।

(उच्च न्यायालय द्वारा) यह कहा गया कि कोई मुद्दा नहीं है।’’
न्यायमूर्ति मोहना ने कहा, ‘‘आप यह दलील पहले भी दे सकते थे’’ और किसी उचित आधार के बिना कोई मुद्दा तय नहीं किया जा सकता। प्रधान न्यायाधीश ने भी सवाल किया कि उन्होंने अपने लिखित बयान में जरूरी आपत्तियों को शामिल करने के लिए उसमें संशोधन की मांग क्यों नहीं की। यह उल्लेख करते हुए कि चुनावी विवादों का निपटारा एक तय समय-सीमा के भीतर होना चाहिए, न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि इस याचिका पर विचार करने से और भी अर्जियां आ सकती हैं, जिससे कार्यवाही में देरी हो सकती है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह मुकदमे में देरी करने का एक और तरीका है। अगर हम इसकी अनुमति दे देते हैं, तो आप संशोधन की मांग करेंगे। चुनावी मामलों का निस्तारण एक तय समय-सीमा के भीतर होना चाहिए।’’
सिब्बल ने कहा कि भूपेश बघेल संशोधन के लिए कोई अर्जी दायर नहीं करेंगे और उन्होंने पीठ से आग्रह किया कि उनके इस बयान को रिकॉर्ड में लिया जाए।

पीठ ने कहा कि वरिष्ठ वकील के अनुरोध पर उसने याचिकाकर्ता पर जुर्माना नहीं लगाने का फैसला किया है। प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘याचिका खारिज की जाती है। हम उच्च न्यायालय के आदेश को बरकरार रखते हैं।’’
भाजपा नेता विजय बघेल ने एक याचिका दायर कर 2023 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में पाटन निर्वाचन क्षेत्र से भूपेश बघेल के निर्वाचन को चुनौती दी थी।

विजय बघेल ने आरोप लगाया है कि पूर्व मुख्यमंत्री ने मतदान से ठीक पहले के 48 घंटे की अवधि के दौरान चुनाव प्रचार पर लगी रोक का उल्लंघन किया, और निर्वाचन क्षेत्र में एक जुलूस निकाला। उन्होंने भूपेश बघेल के निर्वाचन को रद्द करने का भी अनुरोध किया था।



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