राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के दूसरे चरण में बुधवार दोपहर बाद तीन बजे तक 49.27 प्रतिशत मतदान हुआ। अधिकारियों ने बताया कि मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और दस बजे तक 13.68 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। अधिकारियों के मुताबिक एक बजे तक यह आंकड़ा 34.92 प्रतिशत और अपरान्ह तीन बजे तक 49.27 प्रतिशत हो गया।
अधिकारियों के अनुसार इस दौरान उदयपुर की देवला पंचायत समिति में सबसे अधिक 65.41 प्रतिशत मतदान हुआ तथा डूंगरपुर की आसपुर पंचायत समिति में सबसे कम 38.62 प्रतिशत मतदान हुआ। मतदान शाम छह बजे तक चलेगा। यह मतदान 22 जिलों में जिला परिषदों के 352 वार्डों और 124 पंचायत समितियों के 2,197 वार्डों के लिए हो रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि इस मतदान में हर मतदाता दो वोट डालेगा – एक जिला परिषद सदस्य के लिए और दूसरा पंचायत समिति सदस्य के लिए। मतदान को लेकर कई जगह उत्साह देखा गया। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जोधपुर में एक मतदान केंद्र पर वोट डाला।
राज्य के स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने सीकर जिले में एक मतदान केंद्र पर वोट डाला। कई जगह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में खराबी के कारण मतदान में देरी हुई। जोधपुर की तिवरी पंचायत समिति में ईवीएम की समस्याओं के चलते दो ‘बूथ’ पर मतदान प्रभावित हुआ।
इसी कारण अजमेर के दो ‘बूथ’ पर भी मतदान करीब आधा घंटा देरी से शुरू हुआ। झुंझुनूं की सिंघाना पंचायत समिति के अंतर्गत मुरादपुर गांव में ‘बूथ’ नंबर 71 पर पहला वोट पड़ने के बाद ही एक ईवीएम खराब हो गई। मशीन को बदलने के बाद मतदान फिर से शुरू हुआ।
मतदान में उम्रदराज लोगों ने भी उत्साह से भाग लिया। सीकर जिले में नीम का थाना पंचायत समिति के गणेश्वर गांव में 95 वर्षीय माली देवी को उनके परिजन मतदान के लिए लेकर आए।
