durga puja 2026 to begin on 16 october ending on 21 october


शारदीय नवरात्रि का पर्व चल रहा है। आश्विन मास में कई व्रत और त्योहार मनाए जाते हैं। इन्हीं में से एक है दुर्गा पूजा, जो कि शारदीय नवरात्रि में आती है। वैसे यह उत्सव मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए बेहद शुभ माना जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में सच्चे मन से मां दुर्गा की साधना करने से जीवन में में आने वाली सभी दुख-दर्द दूर हो जाते हैं और साधक को शुभ परिणाम मिलने लगते हैं। कई बार लोग दुर्गा पूजा और शारदीय नवरात्र को एक समझ लेते हैं, हालांकि इन दोनों त्योहारों की सांस्कृतिक परंपराएं, पूजा-पद्धति और मान्यताएं काफी भिन्न-भिन्न है। दुर्गा पूजा का पर्व पूर्वी भारत में उत्साह व धूमधाम से मनाया जाता है। बल्कि शारदीय नवरात्रि का पर्व उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत में मनाया जाता है। आइए आपको बताते हैं कब से शुरु हो रही दुर्गा पूजा।

दुर्गा पूजा 2026 कब से शुरू होगी?

वैदिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में दुर्गा पूजा की शुरुआत 16 अक्तूबर से हो रही है और इसका समापन 21 अक्तूबर को होगा।

शारदीय नवरात्र

शारदीय नवरात्रि का पर्व 9 दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरुपों की पूजा-अर्चना की जाती है। इसके साथ ही देवी दुर्गा की कृपा प्राप्त करने के लिए साधक व्रत भी रखता है। शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन घटस्थापना करने का विधान है और मां दुर्गा की चौकी लगाई जाती है। आपको बताते चलें कि, शारदीय नवरात्रि की शुरुआत आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है। इसका समापन नवमी तिथि पर होता है। नवरात्रि की अष्टमी तिथि या फिर नवमी को कन्या पूजन किया जाता है।

दुर्गा पूजा

वैसे यह उत्सव देवी दुर्गा द्वारा महिषासुर के वध के जश्न के रुप में मनाया जाता है। इस दौरान मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। मां दुर्गा का यह उत्सव पांच दिनों तक चलता है। इस अवधि में धुनुची नृत्य और महिलाओं द्वारा खेले जाने वाले ‘सिंदूर खेला’ की परंपरा निभाई जाती है।

हालांकि दुर्गा पूजा की शुरुआत शारदीय नवरात्र से एक दिन पहले होती है, लेकिन इसका मुख्य उत्सव 5 दिनों का होता है, जो षष्ठी तिथि से शुरु होता है। शारदीय नवरात्र से एक दिन पहले चंडी पाठ सुना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन देवी दुर्गा कैलाश पर्वत से पृथ्वी की ओर अपनी यात्रा शुरु करती हैं। इतना ही नहीं, षष्ठी तिथि के दिन पंडालों में मां दुर्गा की मूर्ति का अनावरण किया जाता है और फिर प्राण-प्रतिष्ठा की जाती है।
 



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